Raag Marwa Aaroh Avroh, Bandish and Songs

ये राग मारवा थाट से उत्पन्न हुआ है. इसमें रे कोमल, म तीव्र और अन्य शुद्ध स्वर लगते हैं. इस राग में पंचम और शुद्ध म दोनों वर्जित होने के कारण इसे गाने के लिए तानपुरे को मंद्र निषाद से मिलाया जाता है.

Marwa Raag Details

आरोह,नी रे (कोमल) ग म’ (तीव्र) ध नी रे’ (कोमल) सा’
अवरोहरे’ (कोमल) नी ध म’ (तीव्र ) ग रे (कोमल) सा
पकड़नी रे (कोमल ) ग म’ (तीव्र) ध म ग रे (कोमल)
वादीरे
संवादी
वर्जित स्वर
जातीषाडव – षाडव
गायन का समयदिन का अंतिम प्रहर

Raag Marwa Songs

राग मारवा पर आधारित कुछ हिंदी गाने इस प्रकार हैं.

  • मेरा परदेसी ना आया – लता मंगेशकर ( फिल्म : मेरे हमसफ़र )
  • ना फूलों की दुनिया – लता मंगेशकर ( फिल्म : साज़ और आवाज़ )

राग मारवा अपने ही थाट का आश्रय राग है. इस राग के आरोह में सा दुर्बल है अर्थात इसके आरोह में सा का कम प्रयोग होता है. इसी तरह के और संगीत से जुड़े आर्टिकल सीखने के लिए हमें सब्सक्राइब करें तथा हमारे YouTube विडियो देखने के लिए हमारे चैनल पर जायें। कृपया इस आर्टिकल को सोशल मीडिया जैसे Facebook, Instagram और Famenest पर शेयर करें।

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